Tuesday, 15 September 2020

मान, मानक और हिंदी

इंटरनेट पर आज सब अपने-अपने तरीके की हिंदी ला रहे हैं। इनका अपना साहित्य, समाज, परिवार सब कुछ हिंदी में है। सवाल है कि इसे मुख्यधारा की हिंदी क्यों न मानी जाए। हिंदी के मानकीकरण में सबके साथ समस्या आती है।

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