Tuesday, 15 September 2020

हिंदी भावना भी संभावना भी

एक ऐसे दौर में जब लोकतंत्र से आगे का खुलापन बाजार के हिस्से है, तो भाषा और संस्कृति भी नए सिरे से परिभाषित हो रही है। इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभा रही है सूचना क्रांति का वाहक बनकर आई तकनीक, जो रोज अपडेट हो रही है, यूजर फ्रेंडली हो रही है।

from Jansattaराष्ट्रीय – Jansatta https://ift.tt/3hwzeew
via

No comments:

Post a Comment