एक ऐसे दौर में जब लोकतंत्र से आगे का खुलापन बाजार के हिस्से है, तो भाषा और संस्कृति भी नए सिरे से परिभाषित हो रही है। इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभा रही है सूचना क्रांति का वाहक बनकर आई तकनीक, जो रोज अपडेट हो रही है, यूजर फ्रेंडली हो रही है।
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