दरअसल, पिछले दो दशक में इंटरनेट ने पूरी दुनिया के लोगों को नया मंच दिया तो हिंदी बोलने वाले भी इस मंच पर आए और साबित किया कि हिंदी नए समय के दरकारों को कामयाबी के साथ पूरा कर सकती है। इसका एक पूरा ढांचा खड़ा होने लगा तो गूगल और माइक्रोसॉफ्ट यूनिकोड लेकर आए। गूगल की भाषाई समझ में ‘बिहारी’ तक स्वतंत्र भाषा है
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