Wednesday, 18 November 2020

चौपाल: जैव-विविधता की जगह

भारतीय उपमहाद्वीप में भी कुल सैंतीस आर्द्र भूमि इसी सभागम द्वारा ही स्थापित की गई है। 1972 में एमआइटी, अमेरिका द्वारा प्रकाशित ‘द लिमिट्स टू ग्रोथ’ में घातांकीय रूप से वृद्धि कर रही अर्थव्यवस्था एवं जनसंख्या को संसाधनों की सीमित उपलब्धता से जोड़ने का प्रयास किया गया था। यह वही वर्ष है जब पर्यावरण को लेकर पहली बार स्वीडन के स्टॉकहोम में पृथ्वी शिखर-सम्मेलन का आयोजन किया गया था।

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