कहने को बेटा- बेटी एक समान कहा जाता है, लेकिन परवरिश में इतना अंतर क्यों होता है? एक स्त्री आज भी वर्षों पुरानी कुरीतियों, यौन शोषण, बलात्कार, छेड़छाड़ आदि की शिकार है। इसी तरह की हिंसा की शिकार महिलाएं अंदर ही अंदर घुटती रहती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन वास्तविक सुरक्षा एक स्त्री के अंदर ही है।
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