औद्योगिक महानगर में पार्किंग की व्यवस्था को सुधारने की योजना परवान चढ़ने से पहले नाकाम हो रही है। कोरोना काल से पहले पार्किंग व्यवस्था में हावी रही माफियागिरी को खत्म करने के लिए शहर में करीब 10 हजार कारों को खड़ा करने के लिए बहुमंजिला और पार्कों के नीचे पार्किंग व्यवस्था तैयार करने में प्राधिकरण ने करोड़ों रुपए खर्च किए। इस बीच कोरोना के चलते लागू हुई पूर्णबंदी के दौरान ठेकेदारों की कमाई पूरी तरह से बंद हो गई।
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