Monday, 3 August 2020

दुनिया मेरे आगे: गुम होती बतकही

ऐसा कौन शख्स होगा जो रोजमर्रे की ऊब तोड़ने और खुद की बोरियत मिटाने के लिए गपशप न करता हो। मन-बहलाव का सबसे सहज और सुलभ तरीका। इसे अनावश्यक समय नष्ट करने के दायरे में नहीं रखा जा सकता है। मन की भड़ास निकालने को एक सहारा चाहिए, जिसमें अनुपस्थित व्यक्ति की निंदा और उपहास समाहित हो। इसमें वक्त भी कट जाता है और मन के गुबार भी निकल जाते हैं।

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