तेज धूप के बाद पड़ने वाली गर्मी और फिर बारिश की ठंडी फुहारें। इस तरह नमी और वातावरण में उमस बढ़ जाने से रोग उत्पन्न करने वाले जीवाणुओं के पनपने की संभावना काफी बढ़ जाती है। ऐसे में जिस तरह की स्वास्थ्य की समस्याएं आमतौर पर देखने में आती हैं, उनमें पाचन, त्वचा, सांस और वात से जुड़े रोग प्रमुख हैं।
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