विकास के मामले में भारत पहले ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा था, उसमें कोरोना संकट के चलते पूर्णबंदी की विवशता ने उन्हें और बढ़ा दिया। वाहन उद्योग, खनन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों की गति थम गई। सबसे बुरी मार छोटे और मझोले उद्योगों पर पड़ी है। यह क्षेत्र यों बहुत छोटी पूंजी से चलता है, पर रोजगार के सबसे अधिक अवसर यही उपलब्ध कराता है। इसलिए जब इस पर मार पड़ी तो सबसे अधिक श्रमिकों का पलायन इसी क्षेत्र से हुआ है।
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