Tuesday, 21 April 2020

जनसत्ता विशेष: कोरोना संक्रमण और कालजयी लेखन

आपद घड़ी में समाज, व्यवस्था और मानवीय सरोकारों की बुनावट कैसे उलझने-टूटने लगती है, हमारे ही रचे मूल्य और तकाजे हमारे ही जरिए एक के बाद एक कैसे स्थगित होते जाते हैं, ये पूरी ‘क्रोनोलॉजी’ कामू हमारे सामने एक औपन्यासिक आख्यान के तौर पर रखते हैं।

from Jansattaराष्ट्रीय – Jansatta https://ift.tt/2wXCL49
via

No comments:

Post a Comment