सृजन और संवेदना के बीच रचनात्मकता के कई बहुमूल्य प्रयोग करने वाले मास्ति का साहित्यिक नाम ‘श्रीनिवास’ है और इसी नाम से उन्होंने अपना ज्यादातर साहित्य रचा। पर कन्नड़ लोक में वे ‘मास्ति’ के नाम से ही प्रसिद्ध रहे। उन्होंने कुल 137 पुस्तकें लिखीं। इनमें 120 कन्नड़ में और बाकी अंग्रेजी में हैं।
from JansattaJansatta https://ift.tt/2SfZiDT
via
No comments:
Post a Comment