ममता बनर्जी ने तो एक राजनेता के रूप में बैठक के नियमों का उल्लंघन किया। लेकिन सरकारी अधिकारी के तौर पर अलापन बंद्योपाध्याय के पास यह अधिकार नहीं है कि वे किसी भी तरह के सरकारी शिष्टाचार का उल्लंघन करें। जनतांत्रिक संस्थानों के नियम कायदे निजी नायकत्व के लिए नहीं होते। प्रशासनिक सेवा की अपनी सीमा और गरिमा है।
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