आपको बता दें कि शनि का राशि परिवर्तन तो एक ही बार होगा। लेकिन दूसरी बार शनि अपनी वक्री चाल चलते हुए फिर से अपनी पिछली राशि में प्रवेश कर जायेंगे। जिससे जिन राशियों को शनि साढ़े साती या शनि ढैय्या से मुक्ति मिल गई थी वो राशियां एक बार फिर से शनि की चपेट में आ जायेंगी।
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