Monday, 3 May 2021
प्रकृति के साथ
गीता का सार है- ‘पल-पल परिवर्तन ही संसार का नियम है।’ लगता है मनुष्य उपर्युक्त उक्ति को चरितार्थ करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा है और यह मेहनत तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रही है।
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