शब्बीर गाजियाबाद में गाड़ियां सुधारने का काम करते थे। लेकिन उन्हें वहां से निकाल दिया गया। शब्बीर दिल्ली के कड़कड़डूमा में रहते हैं, नौकरी चले जाने की वजह से अब वे अपने छह लोगों के परिवार को नहीं पाल सकते, ना ही मकान का किराया दे सकते हैं। इसलिए वे उन्हें घर वापस छोड़ आए।
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