सुभाष ने रोते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी में उन सभी महिलाओं की ओर से विरोध के प्रतीक के रूप में अपने सिर के बाल मुंडाये हैं, जो अन्य उम्मीदवारों की सफलता के लिए कड़ी मेहनत करती रही हैं और उन्हें वर्षों तक नेतृत्व द्वारा दरकिनार और नजरअंदाज किया गया।
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