नई चिंता की बात यह है कि पानी की बढ़ती जरूरतों की वजह से देश के ज्यादातर हिस्सों में भूजल का स्तर साल दर साल नीचे जा रहा है। जाहिर है कि हर साल बारिश के दिनों में जितने भूजल का पुनर्भंडारण हो रहा है, उससे ज्यादा भूजल उलीचा जा रहा है। अंधाधुंध भूजल दोहन की इस प्रवृति ने एक नए संकट का सायरन बजा दिया है।
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