नीता के मुताबिक, स्कूल से उनका जुड़ाव उस दौरान ही हो गया था, जब मुकेश पाताल गंगा प्लांट को लेकर काम कर रहे थे। तब उन्होंने ग्रामीण परिवेश में एक स्कूल खोला था। तभी उन्हें महसूस किया कि शिक्षण एक ऐसा क्षेत्र है, जिसे वह अपने जीवन का मिशन बनाकर काम कर सकती हैं।
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