भारत में अनुसंधान की दिशा में हुई प्रगति को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन सच्चाई यह भी है कि ऐसे कई अवरोध हैं, जिन्हें पार करना भारतीय अनुसंधान और विकास के लिए बहुत जरूरी है। कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में उपलब्धियों को छोड़ दें तो वैश्विक संदर्भ में भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास तथा अनुसंधान की स्थिति धरातल पर उतनी मजबूत नहीं, जितनी कि भारत जैसे बड़े देश की होनी चाहिए।
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