सालाना मौके की तरह हिंदी दिवस और विश्व हिंदी दिवस आकर चला गया। प्रत्येक वर्ष इस अवसर पर बड़े-बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और हर आयोजन हिंदी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के संकल्प के साथ समाप्त हो जाता है और स्थिति जस की तस बनी रह जाती है।
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