Thursday, 21 January 2021

राजनीति: सामाजिक गठन और वृद्धावस्था की चुनौतियां

भारतीय परंपरा में माता-पिता और सास-ससुर, बेटे, दामाद तथा बेटी, बहू जैसे रिश्ते दो परिवारों को जोड़ने के लिए, उनके सुख-दुख को साझा करने के लिए, एक-दूसरे का संबल बनने के लिए बनाए गए हैं। उसमें इस वैचारिक गिरावट को कतई जगह नहीं दी जानी चाहिए कि बेटा-बहू ही अपने माता-पिता की जिम्मेदारी उठाएंगे।

from Jansattaराष्ट्रीय – Jansatta https://ift.tt/3c3mwVk
via

No comments:

Post a Comment