Wednesday, 13 January 2021

दुनिया मेरे आगे: विरह-गीतों के पंछी

एक दिन आॅटोरिक्शा से एक जगह जा रहा था तो उसमें चल रहे लोकगीत ‘सुपुनो जगाई आधी रात में, तनै मैं बताऊं मन की बात, कुरजां ए हारे भंवर (पति) मिलाय दे, संदेशों हारै पीव ने पुगाय दे, पूछे कुरजां हारे गांव की लागे धरम की बाण (बहिन), संदेशों हारे पीव ने पुगाय दे रै।’

from JansattaJansatta https://ift.tt/3qh2PgH
via

No comments:

Post a Comment