साहित्य के लिए लोकप्रियता जरूरी तो है पर इस दरकार को आलोचकीय सहमति कभी नहीं मिली। नतीजतन साहित्य की मुख्यधारा के समांतर एक लोकप्रिय धारा हमेशा प्रवाहित रही। मेरठ शहर की तो लंबे समय तक पहचान ऐसे लेखकों से जुड़ी रही, जिनके उपन्यासों ने समाज से लेकर सिनेमा जगत तक अपनी धूम मचा रखी थी।
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