डॉ. ए रघु कंठ ने बताया, “एलईडी बल्ब के साथ नीचे की ओर धातु का एक छोटा तार लगा था। यह मुख्य वायुमार्ग (ट्रेकिआ) को खराब कर सकता था। साथ ही इसकी वजह से रासायनिक प्रतिक्रियाओं के कारण या आंतरिक रक्तस्राव के कारण भी जटिलता आ सकती थी।"
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