Thursday, 31 December 2020
हमारी याद आएगी: डेविड,नन्हे मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है…
हिंदी सिनेमा के विकास में हर जाति, धर्म, प्रदेश के लोगों का योगदान रहा है। थियेटरों से सिनेमा में आए पारसियों ही नहीं, मराठीभाषी यहूदियों ने भी सिनेमा के शुरुआती दौर में उल्लेखनीय काम किया।
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