Tuesday, 8 December 2020

तख्त हाल और मिसाल

सर्वोच्च पद पर होना और अपने जीवन और आचरण में भी सर्वोच्च आंका जाना दो जुदा बातें हैं। लोकतांत्रिक ढांचे में सर्वोच्च पदों की तो खासियत ही यह है कि इन पदों पर कोई भी आसीन हो सकता है। लोकतंत्र की इस देन ने हर जगह प्रेरक सुलेख लिखे हैं।

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