मृत्युभोज एक कुप्रथा है जो हमारे समाज में निरंतर चली आ रही है। लेकिन जब तक समाज का हर वर्ग इस पर चिंतन, मनन नहीं करेगा, तब तक यह केवल कागजी कार्रवाई में ही सिमट कर रह जाएगा। ऐसे में युवाओं द्वारा सोशल वेबसाइटों पर जागरूकता अभियान चला कर जिम्मेदार नागरिक का परिचय दिया जा सकता है।
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