दरअसल, जब तक भ्रष्टाचार की राजनीतिक बुनियाद पर चोट नहीं की जाती, भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी मुहिम तार्किक परिणति तक नहीं पहुंच सकती। चुनाव कितने खर्चीले हैं, चुनावों में कितना बेहिसाब धन बहाया जाता है, हर कोई जानता है। लेकिन यह कितने लोग जानते हैं कि यह सारा धन किन जगहों से, किन स्रोतों से जुटाया जाता है?
from JansattaJansatta https://ift.tt/2JWPniv
via
No comments:
Post a Comment