Saturday, 26 December 2020

प्रसंगवशः नैतिकता का फूल

महर्षि चरक बोले, ‘शिष्यों, नैतिक जीवन तथा राजाज्ञा में कोई साम्य नहीं है। यदि राजा अपनी प्रजा की संपत्ति अपनी इच्छा से कार्य कर केवल अपने के लिए व्यय कर रहा हो तो, वहां नैतिक आदर्श का पालन कैसे होगा।’

from JansattaJansatta https://ift.tt/37OdOYG
via

No comments:

Post a Comment