Thursday, 31 December 2020

दुनिया मेरे आगे: वक्त का कारवां

यह समय का कालचक्र है। वक्त किस तरह से बीत जाता है, पता ही नहीं चलता। समय के शिलालेख इतिहास की दास्तान हो जाते हैं, वर्तमान भूत हो जाता है और आने वाले भविष्य के लिए शुभकामनाएं लेता और देता जिंदगी का कारवां यों ही चलता जाता है।

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