यह समय का कालचक्र है। वक्त किस तरह से बीत जाता है, पता ही नहीं चलता। समय के शिलालेख इतिहास की दास्तान हो जाते हैं, वर्तमान भूत हो जाता है और आने वाले भविष्य के लिए शुभकामनाएं लेता और देता जिंदगी का कारवां यों ही चलता जाता है।
from Jansattaराष्ट्रीय – Jansatta https://ift.tt/2KQOTef
via
No comments:
Post a Comment