सवेरे मोबाइल टॉयलेट की दुर्गंध और लोगों की चहल कदमी नींद खोल देती है। उत्तरी दिल्ली के महापौर जयप्रकाश कहते हैं कि चार रातें खुले आसमान के नीचे बीत चुकी है। हमने यह फैसला किया है कि मुख्यमंत्री जब तक हमसे मिलेंगे नहीं हम बिना नहाए और कपड़ा बदले उनके आवास पर बैठे रहेंगे।
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