मिथिलांचल और तिरहुत क्षेत्र में ब्राह्मण जातियां स्थानीय राजनीति पर हावी रही हैं। इसी तरह छपरा और तिरहुत क्षेत्र में राजपूतों का दबदबा रहा है। बिहार में पिछले दो दशकों से सवर्ण जातियां भाजपा का समर्थन करती आई हैं। दूसरी ओर, राजद के पास सारण और मिथिलांचल क्षेत्रों की सीटों पर मुसलिम-यादव गठजोड़ का मजबूत आधार है।
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