हमारी संस्कृति ही हमें ‘वसुधैव कुटुंबकम’ जैसे महान ओर सौहार्दपूर्ण आचरण का पाठ पढ़ाती है। किसी व्यक्ति की लिए कोई राय उसकी जाति, धर्म, रंग, नस्ल के आधार पर नही बनाएंगे। शांति और सौहार्द बिगाड़ने वाली कोई घटना होने पर हमें उसका दोष धर्म, जाति को न देकर उन असामाजिक तत्त्वों को देना होगा और पुलिस को उन पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
from JansattaJansatta https://ift.tt/36VYvLG
via
No comments:
Post a Comment