स्टेक होल्डर्स (इनमें से आरबीआई की इंटरनल वर्किंग ग्रुप के 10 सदस्यों में से तीन शामिल थे, जिन्होंने पिछले हफ्ते बिजनेस समूहों की बैंकिंग के क्षेत्र में एंट्री की तरफदारी की) ने बताया कि ये कंपनियां जरूरत के हिसाब से कैपिटल, कारोबारी अनुभव और प्रबंधकीय क्षमता के साथ बैंकिंग क्षेत्र में आएंगी। हालांकि, उन्होंने लोन (पार्टी लेंडिंग) देने को लेकर निगरानी को लेकर चिंता जाहिर की।
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