केंद्र सरकार ने पिछले साल बैंकों के लिए जहां सत्तर हजार करोड़ रुपए की पूंजी उपलब्धता का प्रावधान किया था, इस साल बीस हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। कुछ सहकारी बैंकों के लापरवाह प्रंबधन से पैदा हुए संकट और व्यावसायिक बैंकों के कुछ नकारात्मक व्यवहार से आम ग्राहकों के साथ निवेशकों का भरोसा भी डिग सकता है।
from JansattaJansatta https://ift.tt/2JazfJK
via
No comments:
Post a Comment