मोती की आभा वाले और सितारों के आकार के ये नन्हे-नन्हे फूल इतने क्षणभंगुर न होते तो फूलों से किसी देवी की मूर्ति का शृंगार करते समय शायद उन्हीं को कर्णफूल और नाक की कील के स्थान पर सजा दिया जाता। फूल के केंद्र से बाहर की ओर उभरते ताज यानी क्राउन की खूबसूरती दिव्य आभा को और बढ़ाती।
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