बंगाल में कार्तिक अमावस्या की आधी रात को मां काली की पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां काली की विधिवत आराधना हमारे शरीर की शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, आध्यात्मिक और ऊर्जा के स्तरों को संतुलित कर देती हैं। यही पांच ऊर्जाएं अगर संतुलित न हों तो मनुष्य के जीवन में उथल-पुथल मचा देती हैं। लेकिन क्या सिर्फ पूजा से ही ये ऊर्जाएं नियंत्रित हो सकती हैं? उत्तर है- नहीं। इसके लिए साधना की विशेष पद्धतियां बताई गई हैं, जिसका सार्वजनिक उल्लेख वर्जित माना गया है।
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