Tuesday, 24 November 2020

चौपाल: निज भाषा

भाषा संस्कृति को परिभाषित करती है और भारतीय संस्कृति इसे पैर पसारने का पूरा मौका दे रही है। फिर भी यह व्यापक रूप से सफल नहीं हो पा रही है। अंग्रेजी के बोलबाला के चलते इसका वजूद धूमिल हुआ है, मगर यह खुद को सिद्ध करने के लिए समर्थ है। आज लोग हिंदी बोलते वक्त झिझक महसूस करते हैं।

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