राजनीति में सत्ता का रसास्वादन कर लेने के बाद कोई भी राजनेता इससे वंचित नहीं होना चाहता। यह भी एक मनोविज्ञान है कि राजनीति में एक दूसरे को धकेल कर अपनी जगह बनाने की मनोवृत्ति दिखाई देती है। राजनीति में राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाएं बढ़ती उम्र के साथ-साथ कम नहीं होती, बल्कि बढ़ती ही चली जाती है।
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