Friday, 23 October 2020
चौपाल: दर्पण में आंसू
जिस प्रकार डॉक्टर की नजर में मनुष्य के अंदर की भावना आंसू कहलाती और प्रकट होती है, उसी प्रकार ये आंसू साहित्यकारों के दिल से निकलती है। मनुष्य की आंखें भावनाओं का दर्पण हैं।
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