फिर प्रिंटिंग का क्षेत्र किताबों तक सीमित नहीं है। ऐसी बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो हर दौर में छापेखाने से ही निकलकर आएंगी। मसलन बाजार में उपलब्ध बे- हिसाब वस्तुओं के पैकेट की छपाई, उनके प्रयोग की जानकारी देने वाला साहित्य व विभिन्न व्यवसायों में इस्तेमाल होने वाले कागज। इसे व्यवसायिक प्रिंटिंग कहते हैं।
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