Friday, 2 October 2020

11 साल की उम्र में उठ गया मां का साया, पिता ने क्रिकेटर बनाने को दूध बेचा, दूसरों की गाड़ियां चलाईं; अब बेटे ने IPL में धोनी के धुरंधरों का धुना

पिता नरेश गर्ग प्रियम को रोजाना 10 रुपए देते थे, ताकि बेटा बस से एकेडमी पहुंच जाए और कुछ अतिरिक्त आमदनी कर सकें। कभी-कभी ये 10 रुपए कम पड़ जाते थे, तब प्रियम बस में सीट की जगह उसकी छत पर बैठकर सफर करते थे।

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