कुदरत ने इनसान को विपरीत हालातों का मुकाबला करने की अद्भुत क्षमता दी है। आपात स्थितियों में यह क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। इस बात के कई उदाहरण है कि जरूरत पड़ने पर किसी संगीतकार ने मिनटों में किसी गाने की धुन बना डाली या चुटकी बजाते ही किसी गीतकार ने गीत लिख दिया। गीतकार राजेंद्र कृष्ण के सामने भी एक बार ऐसी ही स्थिति आई थी, जिसमें एक ही रात में न सिर्फ उन्होंने फिल्म के पूरे नौ गाने लिख डाले बल्कि संगीतकार सी रामचंद्र ने उनकी धुनें भी तैयार कर ली। फिल्म थी ट्रेजिडी किंग दिलीप कुमार और ट्रेजिडी क्वीन मीना कुमारी की ‘आजाद’, जो कई मानो में महत्वपूर्ण फिल्म थी।
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