Monday, 7 September 2020

दुनिया मेरे आगे: सपनों का बाजार

हर हाथ को काम देने वाले मसीहाओं ने ऐसे मुद्रा कर्जे बांटे कि जिनका प्रचार तो बहुत हुआ, लेकिन वे अपने बांटने की कुल राशि तक भी पहुंच न पाए। हां, विस्फारित नेत्रों वाले बेकार युवकों को यह संदेश अवश्य दे गए कि काम चाहते हो तो अपनी डिग्रियों का मातम मनाओ।

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