Thursday, 17 September 2020

हमारी याद आएगीः पचास साल चली हिम्मत और किस्मत की लड़ाई

मुंबई फिल्मजगत में आकर संघर्ष करने वालों के किस्से-कहानियां खूब सुनाए जाते रहे हैं। कैसे यह फिल्मजगत लोगों की परीक्षाएं लेता है। अमिताभ बच्चन को शुरुआती दौर में लगातार असफलताएं मिलीं। शम्मी कपूर को पहली सुपर हिट फिल्म पाने के लिए लगभग डेढ़ दर्जन फिल्मों तक इंतजार करना पड़ा। हरनाम सिंह रवैल भी ऐसे ही निर्माता-निर्देशक थे। बड़ी से बड़ी असफलताएं उनके खाते में दर्ज हुई बावजूद इसके ‘बेताब’ और ‘लव स्टोरी’ जैसी फिल्मों के डाइरेक्टर राहुल रवैल के पिता हरनाम सिंह ने 50 साल फिल्मों में काम किया। राकेश रोशन और राजेंद्र कुमार जैसे हीरो रवैल के सहायक थे।

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