Tuesday, 22 September 2020

चौपाल: बदलता परदा

न जाने वह मंच कहां गया, जिसमें हर कलाकार एक दूसरे की सराहना करते नहीं थकते थे। भाईचारे की मिसाल देते थे, एक दूसरे का सहारा बनते थे। अब परिस्थितियां विपरीत हो गई हैं।

from JansattaJansatta https://ift.tt/3j8jBvv
via

No comments:

Post a Comment