Wednesday, 30 September 2020

हम दलित हैं, क्या यही हमारा पाप है, हाथरस गैंगरेप के बाद गांव के दलित परिवारों ने बयां किया दर्द

गांव में रहने वाले दलित परिवारों का मानना है कि उन्हें नहीं लगता कि अभी भी हालात बदलेंगे। यहां तक कि उन्हें तो डर है कि जब यह मामला मीडिया में दिखना बंद हो जाएगा तो हो सकता है कि उन्हें इसका खामियाजा भी भुगतना पड़े।

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