दरअसल, भारत में आनलाइन गेम खेलने वालों की तादाद दुनिया के दूसरे बड़े देशों के मुकाबले ज्यादा है, इसलिए भविष्य में भारत को गेमिंग हब के तौर पर देखा जा रहा है। अगर किसी कंपनी को भारत के बाजार से बाहर निकलना पड़ेगा, तो उस पर असर उसके उपयोक्ताओं की संख्या पर जरूर पड़ेगा।
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