चौहान ने कहा, वह एक साधारण इंसान हैं और उन्हें सूखी रोटियां खाने में भी कोई गुरेज नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे में उन्हें उचित नहीं लगता कि उनके भोजन के कारण किसी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएं।
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