चार साल की उम्र से अभिनय में शुरुआत करने वाली श्रीदेवी ने जहां एक ओर 1983 में ‘हिम्मतवाला’ से हिंदी फिल्मों की दुनिया में हलचल मचा दी थी, वहीं इसी साल ‘सदमा’ में काम कर फिल्म समीक्षकों को अपने दमदार अभिनय से हैरान कर दिया था। मगर वक्त का खेल निराला था कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार पाने के लिए 50 साल तक इंतजार करना पड़ा। और जब वह पुरस्कार उन्हें मिला, उसे स्वीकार करने के लिए श्रीदेवी इस दुनिया में नहीं थीं।
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